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Monday, 2 July 2018

July 02, 2018

हरभजन सिंह की जीवनी - Biography of Harbhajan Singh in Hindi

Harbhajan Singh Biography in Hindi

हरभजन सिंह प्लाहा भारत के अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाडी हैं। वे Indian Premier League के मुम्बई इंडियन्स टीम तथा पंजाब राज्य क्रिकेट टीम (2012-13) के भूतपूर्व कप्तान भी हैं। वे स्पिन गेंदबाजी में निपुण हैं और टेस्ट मैचों में ऑफ-स्पिनर द्वारा सर्वाधिक विकेट लेने वाले दूसरे स्पिनर हैं।

Harbhajan Singh Hindi Biography (Wiki)

हरभजन को उनके पहले कोच चरनजीत सिंह भुल्लर ने एक बल्लेबाज के तौर पर प्रशिक्षित किया, लेकिन उनके कोच की मौत के बाद उन्हें स्पिन गेंदबाजी में बदल दिया गया क्योंकि उन्हें दवेन्द्र अरोड़ा अरोड़ा हर रोज़ की कामकाजी नैतिकता की सफलता का श्रेय करता है जिसमें सुबह में तीन घंटे का प्रशिक्षण सत्र शामिल था, इसके बाद दोपहर का सत्र 3 बजे से लेकर सूर्यास्त तक तक चले।

2000 में अपने पिता की मृत्यु के बाद, हरभजन परिवार का सिर बन गया, और 2001 तक उनकी तीन बहनों के लिए विवाह का आयोजन किया। 2002 में उन्होंने कम से कम 2008 तक अपनी शादी को ठुकरा दिया था। 2005 में उन्होंने फिर से शादी की अफवाहों को फेरबदल कर बैंगलोर की एक दुल्हन से जोड़ा, जिसमें कहा गया था कि वह "कुछ वर्षों के बाद" केवल निर्णय लेगा, और वह अपने परिवार द्वारा चुनी गई एक पंजाबी दुल्हन की तलाश करें। 

ऐसे देश में जहां क्रिकेटरों को मूर्तियां दी जाती हैं, हरभजन का प्रदर्शन उन्हें सरकार के प्रशंसा और आकर्षक प्रायोजकों को लेकर आया है। 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके प्रदर्शन के बाद, पंजाब सरकार ने उसे रुपये का भुगतान किया। 5 लाख रूपये, एक भूखंड, और पंजाब पुलिस में एक पुलिस अधीक्षक बनने की पेशकश, जिसे उन्होंने स्वीकार किया।

कंकाबुलरी के साथ काम करने के बावजूद हरभजन ने मार्च 2002 में गुवाहाटी में टीम होटल के बाहर पुलिस के साथ विवाद में मामूली चोट लगी थी। जब हरभजन ने होटल में एक फोटोग्राफर को अनुमति देने से इंकार कर दिया, तो स्कफल टूट गई। हरभजन ने अपनी गेंदबाजी में कटौती की और पुलिस ने जब उसे मारा, तो उसकी कोहनी को घायल कर दिया।

इंडियन क्रिकेट टीम में हरभजन सिंह को भज्जी के नाम से जाना जाता है! हरभजन सिंह का नाम बहुत पापुलर है! हरभजन सिंह के क्रिकेट career में बहुत से विवाद हुए है! हरभजन सिंह के क्रिकेट career में सबसे ज्यादा विवाद तब हुआ था जब हरभजन सिंह ने Andrew Simond को “Monkey” कह दिया था! इस विवाद के कारण हरभजन सिंह के ऊपर कई मैच का प्रतिबन्ध लग गया था! हरभजन सिंह और Andrew Simond के बीच का ये विवाद बहुत काफी time तक चर्चा में रहा! हरभजन सिंह ने अभी तक क्रिकेट से संन्याश नहीं लिए है! और आज भी हरभजन सिंह क्रिकेट मैच खेलते है! हरभजन सिंह का क्रिकेट career बहुत ही successful रहा है

हरभजन सिंह ने 100 से भी ज्यादा टेस्ट मैच खेले है! किसी भी क्रिकेट प्लेयर के लिए 100 से भी ज्यादा टेस्ट मैच खेलना अपने आप में एक रिकॉर्ड है! हरभजन सिंह कई सालों तक भारतीय क्रिकेट टीम के टॉप गेंदबाज रह चुके है! इसके साथ साथ कई ऐसे नाजुक मौके पर हरभजन सिंह ने अपने कमाल की गेंदबाजी से भारत को जीत दिलाई है!

गेंदबाजी के साथ साथ हरभजन सिंह ने कई बार बल्लेबाजी में भी अपना कमाल दिखाया है! हरभजन सिंह को तेज गति की बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है! कई अहम् मौके पर हरभजन सिंह ने उपयोगी बल्लेबाजी भी की है!

Harbhajan Singh  Cricket Carrier:

करियर के शुरुवाती दिनों में उनका गेंदबाजी एक्शन चर्चा का विषय बना रहा और क्रिकेट अथॉरिटीज ने उनकी एक्शन पर काफी सवाल भी उठाए थे। उन्होंने अहम मौको पर खुद को भारतीय क्रिकेट का एक महत्वपूर्ण और सफल क्रिकेटर साबित किया। 25 मार्च 1998 को हरभजन सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया और 17 अप्रैल 1998 को न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ उन्होंने एकदिवसीय मैचों में डेब्यू किया।

2002 में भारत के सर्वश्रेष्ट स्पिनर अनिल कुंबले के घायल होने के बाद जब भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने उन्हें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की टीम में शामिल किया तो उनके करियर को एक नयी दिशा मिली। इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत के साथ-साथ हरभजन ने 32 विकेट लेकर खुद को साबित भी किया और टेस्ट क्रिकेट में हैट-ट्रिक लेने वाले वे पहले भारतीय गेंदबाज बने।

साथ ही 1 दिसम्बर 2006 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हरभजन सिंह ने टी20 में डेब्यू किया। 2008 में आईपीएल में वे मुंबई की तरफ से खेले और अभी भी खेलते है। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए उन्होंने बहुत से घरेलु और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेले है। हरभजन सिंह का पसंदीदा खिलाडी सचिन तेंडुलकर है।

सन 2009 में उन्हें भारत सरकार ने पद्म श्री अवार्ड से सम्मानित किया था।

Harbhajan Singh Wickets:

Harbhajan Singh के लाइफ में एक ऐसा भी समय आया, जब उनका बॉलिंग परफ़ोर्मेंस पूरी तरह से बेपटरी हो गया।वह साल था 1999-2000 का। जब उन्हें कई सीरिजों में विकेटों के भीषण सूखे का सामना करना पड़ा। इसके परिणामस्वरूप उन्हें टीम से निकाल दिया गया।पर सन 2000 के मध्य में वे अपने बॉलिंग फॉर्म को सुधारने में कामयाब रहे।उसी साल उन्होंने बोर्ड प्रेसिडेंट 11 की ओर से खेलते हुए साउथ अफ्रीका के खिलाफ दोनों पारियों में क्रमश: 2/88 और 2/59 की अच्छी बॉलिंग फिगर से बॉलिंग किया और 38 और 39 रन भी बनाये।जिसके कारण उनकी टीम साउथ अफ्रीका को हारने में कामयाब रही।पर उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह ना मिला सका। उनकी जगह मुरली कार्तिक को मौका दिया गया।फिर वे भारत लौट आए और घरेलू टीम के लिए खेलने लगे।

कुछ समय बाद वे अपना पुराना लय पाते हुए पंजाब की ओर से खेलते हुए चार फ़र्स्ट क्लास मैच में 24 विकेट्स लिये।इसी बीच उन्हें National Cricket Academy में 1970 में भारतीय टीम का हिस्सा रहे ऑफ स्पिनर श्रीनिवास वेंकटराघवन और इरापली प्रसन्ना से बॉलिंग गुर सीखने को मौका मिला।पर अनुशासनहीनता के कारण उन्हें Academy से निकाल दिया गया।इस कारण Harbhajan Singh का टीम इंडिया में चयन होने का जो भी बची-खुची संभावना थी, वो भी खत्म हो गई।इसी साल उनपर एक बड़ी मुसीबत टूट भी पड़ी, जब उनके पिता का निधन हो गया और उनके 4 कुंवारी बहनों वाले परिवार का इकोनोमी बिगड़ गया।परिवार में अकेले बेटे, हरभजन सिंह पैसा कमाने के लिए अमेरिका में ट्रक चलाने की सोचने लगे।ऐसे में वर्तमान कप्तान बंगाल टाइगर सौरव गांगुली सामने आए। वे उनकी टीम में सेलेकशन के लिए लगातार लड़ते रहे।

Friday, 15 June 2018

June 15, 2018

International Yoga Day 2018: 21 जून को ही क्यों मनाया जाता है इंटरनेशनल योगा डे, क्या है इसका इतिहास

International Yoga Day 2018

इंटरनेशनल योग दिवस का आइडिया सबसे पहले पीएम नरेंद्र मोदी को ही आया था। उन्होंने ही अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की मांग रखी थी। उन्होंने 27 सितंबर 2014 को UNGA में दिए गए भाषण में इसका जिक्र किया था। इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को यूएनजीए में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अशोक मुखर्जी ने मसौदा प्रस्ताव पेश किया। कुल 177 देशों ने इसपर सहमति जाहिर की। यह अपने आप में रिकॉर्ड था। भारत के अलावा बाकी देशों के नेताओं और अध्यात्मिक गुरुओं ने भी इसको सपोर्ट किया था। जिसमें ईशा फाउंडेशन के सदगुरु महाराज और आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रवि शंकर शामिल हैं।

मोदी ने भाषण देते हुए कहा था –
योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह मन और शरीर की एकता का प्रतीक है। योग इंसान की सोच, काम करने का तरीका, संयम बरतना, मनुष्य और प्रकृति के बीच सद्भाव सिखाता है। यह सिर्फ कसरत नहीं है बल्कि दुनिया, प्रकृति आदि के बारे में भावनाएं पैदा करता है। हमारी जीवन शैली को बदलकर अच्छी तरह से काम करने में मदद कर सकता है। आइए हम एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को अपनाने की दिशा में काम करें।

21 को ही क्यों मनाया जाता योग दिवस है:
मोदी ने ही 21 जून की तारीख को आगे बढ़ाया था। उन्होंने बताया था कि यह दिन उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे लंबा और दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे छोटा होता है जिसका दुनिया के अलग-अलग कोने में अलग-अलग महत्व है। शिव को पहला योगी (आदि योगी) बताया गया है। कहा जाता है कि उन्होंने इसी दिन से योग की शिक्षा लोगों को देना शुरू किया था। इसी दिन उनको पहला गुरु माना गया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का लोगो (International Yoga Day Logo)
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लोगो में एक व्यक्ति को दोनों हाथ जोड़ते हुए दिखाया गया है, जो की योग के साथ साथ, मन और शरीर, मनुष्य और प्रकृति के बीच की एकता को दर्शाता है.
  • इस लोगो को बनाने में हरे, भूरे, पीले और नीले रंग का इस्तेमाल किया गया है और ये रंग अलग अलग चीजों को रिप्रेजेंट करते हैं.
  • योग के लोगो में दिखाई गई, हरे रंग की पत्तियां प्रकृति का प्रतीक हैं, भूरे रंग के पत्तियां पृथ्वी तत्व का प्रतीक हैं, नीला रंग पानी का प्रतीक है, पीला रंग आग तत्व का प्रतीक है और सूरज ऊर्जा और प्रेरणा के स्रोत का प्रतीक है.
  • इसके अलावा इस लोगो में सबसे नीचे ‘योग फॉर हारमनी एंड पीस’ लिखा गया है. क्योंकि योग की मदद से लोगों को हारमनी एंड पीस मिलता है.

अबतक कहां-कहां हुआ इंटरनेशनल योग दिव?
International Yoga Day 2015 को दिल्ली में राजपथ में मनाया गया था। पीएम मोदी ने राजपथ पर 35,985 लोगों के साथ योग किया था। इसके बाद इंटरनेशनल योग दिवस 2016 चंडीगढ़ में मनाया गया। वहां भी काफी लोग आए।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2018 का थीम (International Yoga Day 2018 Theme)
हर साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए एक थीम का चयन किया जाता है और उस थीम के जरिए लोगों को योग के बारे में जागरूक किया जाता है. साल 2017 के लिए इस दिवस का थीम योग फॉर हेल्थ रखा गया था. हालांकि इस साल के लिए योग दिवस का क्या थीम रखा गया है इसके बारे में अभी तक घोषणा नहीं की गई है.



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Sunday, 11 March 2018

March 11, 2018

OTA Passing Out Parade - प्रशिक्षण ने बदल दी जीवन की दिशा

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राजस्थान शूरवीरों की धरती रही है। राजस्थान उन प्रदेशों में शामिल हैं जहां के युवाओं में सेना में भर्ती होने का जज्बा देखने को मिलता है। चेन्नई के अफसर प्रशिक्षण अकादमी लेफ्टिनेंट का प्रशिक्षण पूरा कर चुके राजस्थान मूल के अक्षय राजपुरोहित का मानना है कि प्रशिक्षण कठिन जरूर था लेकिन इससे बहुत कुछ सीखने को मिला है। प्रशिक्षण ने जीवन की दिशा ही बदल दी है। शारीरिक एवं मानसिक रूप से काफी मजबूती मिली है। चेन्नई के गर्म मौसम में जरूर कठिनाई हुई लेकिन प्रशिक्षण के बाद जीवन में बहुत बदलाव भी दृष्टिगोचर हो रहा है।
राजस्थान के पाली जिले के एक छोटे से गांव तालकिया के रहने वाले राजुपरोहित अपने परिवार के ऐसे पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने भारतीय वायु सेना में सीधे कमीशन पाया है। हालांकि इससे पहले उनके बड़े पिताजी नारायणसिंह एयरफोर्स में सेवाएं दे चुके हैं, लेकिन सेना में सीधे अफसर बनने वाले वे परिवार के पहले सदस्य है।

बेंगलूरु में पले-बढ़े अक्षय ने जैन विश्वविद्यालय बेंगलूरु से वर्ष 2016 में बीकाम की शिक्षा पूरी की। अक्षय बीकाम की शिक्षा के बाद भारतीय थल सेना में सीधे लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित हुए। एनसीसी में सी सर्टिफिकेट हासिल किया है। उन्होंने एनसीसी से सीधे साक्षात्कार दिया। अक्षय के पिता मनोहरसिंह का बेंगलूरु में बिजनेस है जबकि माता भंवरीदेवी गृहिणी है। अक्षय की दोनों बड़ी बहनें आरती एवं सोनू विवाहित है। अक्षय का कहना है कि उसकी बचपन से ही यह ख्वाहिश थी कि वह सेना में भर्ती होकर देश सेवा करे और अब सपना पूरा होने के बाद बहुत खुशी महसूस हो रहा है। उनका कहना है कि यदि इंसान मन में सोच लें और इरादे बुलन्द हो तो कुछ भी संभव है। चेन्नई में मौसम काफी चुनौतीपूर्ण था, प्रशिक्षण भी कठिन जरूर था लेकिन उसे भी एक चैलेंज के रूप में पूरा किया। प्रशिक्षण जीवन में बहुत बदलाव ला देता है। अनुशासन, समय की पाबंदी, सकारात्मक सोच, आत्म विश्वास सरीखी चीजें प्रशिक्षण के दौरान सीखने को मिली। अक्षय के चाचा श्यामसिंह ने बताया कि अक्षय बचपन से ही पढऩे में अव्लल रहा है और सब के साथ घुल-मिलकर रहता है।

नम्रता बनी बालिकाओं के लिए मिसाल
राजस्थान के जोधपुर मूल की मूमल राठौड़ पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल रही और अब भारतीय सेना में लेफ्ंिटनेेंट के लिए अफसर प्रशिक्षण अकादमी में प्रशिक्षण ले रही है। मूमल ने आर्मी इन्स्टीट्यूट आफ ला मोहाली से विधि स्नातक किया है। पहली से बारहवीं तक की पढ़ाई उन्होंने जोधपुर के केन्द्रीय विद्यालय नं. एक आर्मी से पूरी की। खेलों में भी उनकी खासी दिलचस्पी रही है। एथलेटिक्स व क्रास कंट्री में गोल्ड मेडल जीता है। मूमल की बचपन से ही डिफेन्स में जाने की इच्छा थी। उनके पिता कैलाशसिंह राठौड़ आनररी कैप्टन है। माता दशरथकंवर भाटी गृहिणी है। बड़े भाई गजेन्द्रसिंह राठौड़ राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में वकालत कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि मूमल लगातार नवीं बार के प्रयास में लेफ्टिनेंट के लिए चयनित हुई। वे चार बार मैरिट में थोड़े से अंतर से रह गई थी। मूमल का कहना है कि यहां प्रशिक्षण व्यक्ति को पूर्ण रूप से मानसिक एवं शारीरिक रूप से तैयार कर देता है।



प्रशिक्षण बनाता है मजबूत
राजस्थान के सीकर जिले के धौद के पास बाडलवास गांव के नरेन्द्र शेखावत ने फर्गुशन कालेज पूणे से बीएससी (स्टेटिसटिक्स) किया। उन्होंने एनसीसी का सी सर्टिफिकेट हासिल किया है। वे छठे प्रयास में सफल हुए। पिता भंवरसिंह शेखावत पुणे में ओटोमोबाइल के क्षेत्र में कार्यरत है। माता कंचन कंवर गृहिणी है। बास्केटबाल एवं हैंडबाल में उनकी रुचि रही है। कालेज के दौरान कुछ पत्र-पत्रिकाओं में आर्टिकल भी छपे। उनका कहना है कि डिफेंस के क्षेत्र में आने से हर कार्य व्यवस्थित हो जाता है। प्रशिक्षण होने बहुत मजबूत बना देता है।

प्रशिक्षण ने जगाया आत्मविश्वास
राजस्थान के जालोर जिले के रथपुरा रामसीन निवासी गजेन्द्रसिंह परमार अपने साथियों को हमेशा मोटिवेट करते हैं। पिता राजेन्द्रसिंह परमार रेलवे में सीटीई के पद पर कार्यरत है। माता कृष्णा कंवर गृहिणी है। गजेन्द्रसिंह ने बालाछड़ी जामनगर के सैनिक स्कूल से प्लस टू की शिक्षा के बाद वर्ष 2014 में पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय गांधीनगर से बीटेक (मैकेनिकल) किया। गजेन्द्रसिंह का कहना है कि प्रशिक्षण से उनका हर पक्ष मजबूती से उभरा है। आत्मविश्वास जगा है। सोच में बदलाव आया है।

पिता से मिली प्रेरणा
इलाहाबाद मूल की शिल्पा तिवारी ने 2016 में यूनाइटेड कालेज आफ इंजीनियरिंग एंड रिसर्च से बीटेक (आईटी) किया। पिता एस.एल. तिवारी भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर व माता शीला तिवारी गृहिणी है। लेफ्टिनेंट में चयनित होने से पहले वे आठ माह तक बेंगलूरु में बाइजूस नामक कंपनी में बतौर बिजनेस डवलपमेन्ट एसोसिएट के पद पर कार्यरत थी। बचपन में जब पिता को अफसर की यूनिफार्म में देखा तो उनके मन में भी सेना में अफसर बनने की भावना जगी। वे केन्द्रीय विद्यालय में राष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबाल में हिस्सा ले चुकी है। प्रशिक्षण के बारे में शिल्पा का कहना था कि यहां हर दिन नया सीखने को मिलता है। डिफेंस की सेवा में जो रेसपेक्ट हैं वह अन्य सेवाओं में नहीं मिलता। आखों में अलग ही चमक नजर आती है इस कार्य में।

सातवीं बार में मिली कामयाबी
लखनऊ के पवन गुप्ता ने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीकाम के बाद आर्मी इन्स्टीट्यूट आफ मैनेजमेन्ट कोलकात्ता से एमबीए किया। उनका मजबूत पक्ष यह है कि छह बार विफल होने के बावजूद हार नहीं मानी और आखिरकार सातवीं बार के प्रयास में उनका सलेक्शन हुआ। उनके पिता मोहन गुप्ता बरेली में भारतीय सेना में कर्नल के पद पर कार्यरत है। माता दीप्ति गुप्ता गृहिणी है।

मिली अनुशासन की सीख
बिहार के पटना मूल की इशिता सिंह लेफ्टिनेंट का प्रशिक्षण ले रही है। इशिता का कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन की सीख मिली है। लक्ष्य को किस तरह हासिल करें, यह प्रशिक्षण सीखा देता है। पुणे से भारती विद्यापीठ विश्वविद्यालय से विधि स्नातक इशिता के पिता श्रवण कुमार पटना में संयुक्त रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत है। माता इला इसट जेल अधीक्षक है।

Thursday, 15 February 2018

February 15, 2018

LIVE: PNB फ्रॉड केस: एक्शन में ईडी, नीरव मोदी के 9 ठिकानों पर छापेमारी

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पीएनबी में करीब 11 हजार 500 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है. घोटाले का आरोप अरबपति ज्वेलर नीरव मोदी पर है. पीएनबी ने सीबीआई से नीरव मोदी, मेहुल चौकसी समेत सभी आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने को कहा है. सीबीआई ने पीएनबी बैक की शिकायत पर उद्योगपति नीरव मोदी और उनके सहयोगियों समेत कुल 6 लोगों के खिलाफ धोखाधडी और आपराधिक षडयंत्र और सरकारी पद के दुरूपयोग का मुकदमा दर्ज किया है.

LIVE UPDATES:

नीरव मोदी ने बैंक से पैसे लौटाने के लिए छह महीनों का वक्त मांगा था, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, बैंक ने उनकी इस मांग को खारिज कर दी और उनके खिलाफ कानूनी शिकायत जांच एजेंसियों से कर दी.

2014 में सरकार बदली थी तब घोटाले को बहुत बड़ा कारण माना गया था. यूपीए के समय विजय माल्या 9 हजार करोड़ लेकर लंदन भागा. लेकिन अब नीरव मोदी के भी देश से बाहर जाने का शक गहरा रहा है. इस मामले पर अब कांग्रेस और बीजेपी आमने सामने आ गई हैं.

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चुप्पी साध ली है लेकिन केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा है कि पीएनबी का मामला बड़ा है. जांच होनी चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए.

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इस मामले में आज सुबह प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने नीरव मोदी के मुंबई शोरूम और काला घोड़ा स्थित ऑफिस सहित नौ ठिकानों पर छापेमारी की है. दिल्ली में नीरव के ठिकाने पर छापेमारी है. एक छापेमारी डिफेंस कॉलोनी में हो रही है.

पीएनबी बैंक के 11 हजार 500 करोड़ घोटाले मामले में पूर्व बैंक मैनेजर गोकुल नाथ शेट्टी शामिल है. उसके बोरीवली में जिस पते पर एफआईआर दर्ज हुई है, एबीपी न्यूज वहां पहुंचा तो पता चला कि वो यहां दो साल से नहीं रहता है. उसने अपना घर किराये पर दे रखा है. हमने किराए दार से उसका पता जानना चाहा तो उसने बताया कि हमें पता नहीं है. बिल्डिंग के सेक्रेटरी के मुताबिक, यहां सीबीआई के लोग भी आये थे.

मेहुल चौकसी और नीरव मोदी की कंपनियों के वो खाते जिनके ज़रिए घोटाला हुआ उन्हें पीएनबी ने फ्रॉड खाता घोषित कर दिया है.

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी डायमंड व्यापारी नीरव मोदी देश छोड़ कर भाग गया है. नीरव मोदी एफआईआर दर्ज होने से पहले ही देश से चला गया है. कहा जा रहा है कि वह स्विटजरलैंड के दावोस में है.

नीरव मोदी और मेहुल चौकसी ने जो पैसे पीएनबी की गारंटी पर उठाए उसे लौटाया नहीं गया है.

Source: ABP

Wednesday, 14 February 2018

February 14, 2018

हनीट्रैप मामलाः महिलाओं से परिचय पूछे बिना ही दस्तावेज भेजने लगे वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह

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वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी- आईएसआई के हनीट्रैप में फंसकर कई गोपनीय दस्तावेज लीक करने वाले वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को ‘महिलाओं’ से चैटिंग के दौरान उनकी नीयत पर जरा भी संदेह नहीं हुआ।

पूछताछ के दौरान, वायुसेना के इस अधिकारी ने पुलिस को बताया कि वह उन दोनों महिलाओं से कभी नहीं मिले, यहां तक कि उन्हें फेसबुक पर भी कभी ऑनलाइन नहीं देखा। दोनों का फेसबुक प्रोफाइल किरण रंधावा और महिला पटेल के नाम से बना हुआ था। इन दोनों का फेसबुक प्रोफाइल ज्यादा दिनों तक मारवाह के फ्रेंडलिस्ट में ही जुड़ा रहा। पुलिस का अनुमान है कि व्हाट्सएप मैसेंजर पर आ जाने के बाद उन्होंने फेसबुक पर बातचीत बंद कर दी और पुरानी चैटिंग को डिलीट कर दिया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘दिसंबर के बाद उनके बीच व्हा‌ट्सएप पर अधिकांश अश्लील संदेशों और आपत्तिजनक चित्रों का ही आदान-प्रदान हुआ है। मारवाह ने बताया है कि जब महिलाओं ने उनसे युद्धाभ्यासों संबंधित दस्तावेजों को भेजने का आग्रह किया तब भी उन्होंने कभी भी उनसे यह नहीं पूछा कि आखिर वे इन दस्तावेजों का क्या करेंगी।’

अधिकारी ने बताया कि यह ऐसे मामलों में पूर्व की प्रवृत्तियों से अलग घटना है जहां हनीट्रैप हो गए सेना अधिकारी और जवान इस तरह के संवेदनशील दस्तावेज मांगनेवाली ‘महिलाओं’ से उसे मांगने का उद्देश्य जरूर पूछते रहे हैं।’ अधिकारी ने कहा, ‘अमूमन पहले के जासूस बताते थे कि वे संघर्षों का अध्ययन करनेवाले शोधकर्ता हैं। लेकिन मारवाह का मामला बिल्कुल भिन्न निकला। यहां उन्होंने चित्र और दस्तावेज बिना कोई तहकीकात किए ही भेज दिया।’

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उन्होंने बताया कि मारवाह ने कभी भी उन महिलाओं के प्रोफाइल के बारे में भी कुछ नहीं पूछा। अधिकारी ने कहा, ‘दूसरी ओर से चैट कर रहा व्यक्ति कभी यह नहीं बताया कि वह जासूस है, लेकिन कुछ दिनों की चैटिंग के बाद उन्होंने मारवाह का चुनौती दे डाली कि वह फेसबुक पर खुद को भारतीय वायुसेना का अधिकारी कहने के दावे को प्रमाणित करें। जवाब में मारवाह ने अपनी वर्दी वाली फोटो भेजी लेकिन महिलाओं ने कहा कि वह इससे संतुष्ट नहीं है।’

आरोप है कि तब मारवाह ने वायुसेना से संबंधित एक दस्तावेज भेजा लेकिन महिलाओं ने कहा कि वे इस तरह के और दस्तावेज देखना चाहती हैं और उस तरह की वीडियो भेजें, जैसा कि वह चाहती हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘इसके बाद से ही मारवाह ने बार-बार दस्तावेजों फोटो खींचना और उसे व्हाट्सएप पर भेजना शुरू कर दिया। इसके लिए उन्होंने वायुसेना दफ्तर के उस ‘नो-मोबाइल’ नियम को भी नजरंदाज कर दिया जो दस्तावेजों के स्थान पर लागू हैं। हालांकि वीडियो कभी भेजे नहीं जा सके।’

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पुलिस ने मारवाह के तीन मोबाइल जब्त करने के साथ ही यह भी खोज निकाला है कि शुरू से कितने दस्तावेज भेजे गए। पुलिस फेसबुक से उस अकांउट का आईपी एड्रेस भी खोजने में लगी है, जिससे पहले पहल मारवाह को मैसेज भेजे गए थे। अधिकारी ने बताया कि मारवाह को आईएसआई एजेंटों की ओर से न तो कभी धन का ऑफर किया गया और न ही उन्होंने कोई राशि ली।

वीडियो चैट नहीं किया :

पूछताछ में मारवाह ने दावा किया कि उसने महिलाओं से कभी वीडियो चैट नहीं किया। उन्होंने केवल कुछ अश्लील तस्वीरों का ही आदान-प्रदान किया। उन्होंने कथित महिलाओं को बताया कि वह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में काम करते थे और वर्तमान में वह संयुक्त निदेशक (ऑपरेशन) के पद पर हैं।

एक के बाद एक सूचनाएं मांगी :

अधिकारी ने बताया कि कुछ अश्लील तस्वीर ले लेने के बाद महिलाओं ने उनसे आगामी पैराट्रूपिंग इवेंट के बारे में विस्तृत सूचना दें। कुछ हफ्ते बाद, वे वायुसेना की तीन नई संरचनाओं- रक्षा साइबर युद्ध एजेंसी, रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी और विशेष ऑपरेशन डिवीजन- के बारे में पूछने लगीं। बाद में इसके दस्तावेज भी मांगने लगीं।

एकता-अखंडता पर खतरा :

मारवाह पर मामला दर्ज करानेवाले स्टेशन सुरक्षा अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर रुपिंदर सिंह ने दावा किया है कि मारवाह ने हमेशा वायुसेना की आगामी अभ्यासों के बारे में सूचनाएं उन्हें भेजीं। ये सूचनाएं दुश्मन को भारत की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने में मददगार साबित होंगी।

एफआईआर :

7 फरवरी को इस संबंध में ऑफिशियल सेक्रेट एक्ट की धारा 3/5/9 के तहत एक एफआईआर लोधी कॉलोनी थाने में दर्ज कराई गई है।

बुधवार को गिरफ्तारी :

मारवाह को वायुसेना मुख्यालय में घुसते समय सेलफोन के साथ रंगे हाथ पकड़े जाने के दस दिन बाद बुधवार को औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी (स्पेशल सेल) प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि उन्हें दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

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जांचकर्ताओं ने बताया कि मारवाह का वायुसेना अधिकारी के तौर पर बहुत प्रशंसनीय कॅरियर रहा है। वह स्काईडाइविंग के विशेषज्ञ हैं। मारवाह के फेसबुक पर भी उनकी पैराग्लाइडिंग की अनेक तस्वीरें पड़ी हुई हैं।

अधिकारी ने बताया कि वह कई रक्षा संस्थानों और अन्य स्थानों पर जाकर प्रशिक्षण देने का काम भी किया है। मारवाह अगले साल रिटायर होनेवाले थे। उनका एक बेटा भी वायुसेना में कमीशंड लड़ाकू पायलट है। दूसरा बेटा दूसरे शहर में सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल है। गिरफ्तारी से पहले मारवाह दिल्ली कैंट इलाके में ही पत्नी के साथ रह रहे थे।

Source: livehindustan

Monday, 12 February 2018

February 12, 2018

सुंजवान हमला: घायल गर्भवती महिला ने दिया स्वस्थ बच्ची को जन्म

Sunjuwan Terror Attack

जम्मू-कश्मीर के सुंजवान सैन्य स्टेशन पर आतंकवादियों के हमले में घायल हुई महिला ने जम्मू में एक लड़की को जन्म दिया है।

महिला को आतंकवादी हमले के दौरान गोली लगी थी। इसके बाद उसे प्रसव पीड़ा होने लगी। डॉक्टरों ने शनिवार रात को सी-सेक्शन के जरिए बच्चे की डिलिवरी करवायी।

इसके बाद महिला ने कहा, 'मेरी और मेरी बच्ची की जान बचाने के लिए मैं सेना का शुक्रिया अदा करती हूं।'

ऑपरेशन करने वाले सेना के डॉक्टर ने कहा, 'यह सामान्य केस नहीं था। एक गायनोकलॉजिस्ट होने के नाते हमारा प्रयास यही होता है कि महिला अपनी गोद में स्वस्थ बच्चे के साथ घर लौटे। यह हमारे अस्पताल और टीम के लिए काफी खुशी का मौका था। मरीज बहुत खुश थी।'

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समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अस्पताल कमांडेंट ने कहा कि यह केस चुनौतीपूर्ण था लेकिन अब हम बहुत खुश हैं। जिस तरह से हमारी टीम ने काम किया उस पर हमें गर्व है।

उन्होंने कहा, 'शनिवार शाम अन्य घायल केसों के साथ ही यह चुनौतीपूर्ण केस हमारे सामने आया। इसमें महिला को गोली लगने के कारण समय पूर्व प्रसव हो रहा था। मुझे गर्व है कि हमारी टीम ने बहुत अच्छा काम किया। मां और बच्ची दोनों अब स्वस्थ हैं।'

शनिवार को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने सुंजवान इलाके के आर्मी कैंप पर हमला किया था। इसमें सुरक्षाबल के पांच जवान शहीद हो गए थे। हमले में एक नागरिक की भी मौत हो गई थी। इसके अलावा गर्भवती महिला समेत 10 लोग इस हमले में घायल हुए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों द्वारा किए गए सर्च ऑपरेशन में चार आतंकवादी मारे गए थे।

Wednesday, 7 February 2018

February 07, 2018

UIDAI ने चेताया- प्लास्टिक आधार कार्ड से सावधान

Aadhar Card

अगर आप प्लास्टिक आधार कार्ड बनवाने जा रहे हैं तो सावधान। यूआईडीएआई का कहना है कि प्लास्टिक आधार कार्ड की अलग से जरूरत नहीं है। आधार से जुड़ी सेवाएं लेने के लिए आधार नंबर या फिर उसका प्रिंट ही काफी है। दरअसल यूआईडीएआई को शिकायतें मिली हैं कि कई लोग प्लास्टिक आधार बनाने के लिए मनमाने तरीके से 300 रुपये तक वसूल रहे हैं, और ये वो लोग हैं जो ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं है। ऐसे में आधार का डाटा गलत हाथों में जाने का भी खतरा है। यूआईडीएआई ने ये भी चेताया है कि कार्ड पर छपे क्यूआर कोड से भी डाटा लीक होने का खतरा है। आपको बता दें कि पिछले दिनों सूरत में फर्जी आईडी से प्लास्टिक कार्ड बनाने का मामला सामने आया था।

आधार अथॉरिटी यूआईडीएआई ने कहा कि आधार का कोई एक हिस्सा या मोबाइल आधार पूरी तरह से मान्य है.

यूआईडीएआई ने बताया कि आधार स्मार्ट कार्ड को गैरआधिकारिक तौर पर प्रिंट कराना महंगा साबित हो सकता है. कई जगह इसकी कीमत 50 से लेकर 300 रुपये तक होती है. कहीं-कहीं इससे भी ज्यादा कीमत होती है. जिसकी कोई जरुरत नहीं है.

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यूआईडीएआई ने कहा, "प्लास्टिक या पीवीसी आधार स्मार्ट कार्ड कई बार इस्तेमाल के काबिल नहीं रहते क्योंकि इसे किसी गैरआधिकारिक वेंडर या दुकान से प्रिंट कराए जाने से क्विक रिस्पॉन्स कोड यानी QR कोड के खराब होने का खतरा बना रहता है. ऐसे गैर-अधिकृत प्रिंटिंग से QR कोड काम करना बंद कर सकता है."
यूआईडीएआई की ओर से आगाह किया गया कि इसके साथ-साथ एक संभावना यह भी होती है कि आप की मंजूरी के बिना ही आपकी निजी जानकारी किसी और को मालूम हो जाए.' यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अजय भूषण पांडे ने कहा कि प्लास्टिक के आधार स्मार्ट कार्ड पूरी तरह से गैरजरूरी और व्यर्थ हैं. सामान्य कागज पर डाउनलोड किए गए आधार कार्ड या फिर मोबाइल आधार कार्ड पूरी तरह से मान्य है.  स्मार्ट या प्लास्टिक आधार कार्ड की ऐसी कोई योजना ही नहीं है.

Tuesday, 6 February 2018

February 06, 2018

Happy Rose Day GIF Images and wishes for 2018: व्हाट्सएप, फेसबुक और SMS पर अपने व्बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड को करें ऐसे विश

Heppy rose day

जिसे पाया ना जा सके वो जनाब हो तुम
मेरी जिंदगी का पहला ख्वाब हो तुम
लोग चाहे कुछ भी कहे लेकिन
मेरी ज़िन्दगी का एक सुन्दर सा गुलाब हो तुम
Happy Rose Day

Be regular as clock
Be soft as flower
Be strong as rock
Be nice as me
I know its difficult

मेरी दीवानगी की कोई हद नहीं
तेरी सूरत के सिवा मुझे कुछ याद नहीं
मैं गुलाब हूँ तेरे गुलशन का
तेरे सिवाए मुझपर किसी का हक़ नहीं
हैप्पी रोज डे

Red rose says:- I love you
White rose says:- My feelings are pure
Yellow rose says:- You bring joy to my life and Let’s be friends
Pink rose says:- I like you
Orange rose says:- I am proud of you
Peach rose says:- Thank you and I sympathize with you
Lavender rose says:- I am enchanted by you
Blue rose says:- You seem like an unattainable dream
Happy Rose Day

फूल बनकर मुस्कुराना जिंदगी
मुस्कुरा के ग़म भुलाना जिंदगी
जीत कर कोई खुश हो तो क्या हुआ
हार कर खुशियाँ मनाना भी जिंदगी
हैप्पी रोज डे

मोहब्बत तो सिर्फ एक इत्तेफाक है
ये तो दो दिलों की मुलाकात है
मोहब्बत ये नहीं देखती कि दिन है या रात है
इसमें तो सिर्फ वफादारी और जज़्बात है
Happy Rose Day

आप मिलते नही Roz Roz
आपकी याद आती है हर Roz
हमने भेजा है Red Roz
जो आपको
हमारी याद दिलायेगा हर Roz
हेप्पी रोज़ डे, रोज़ डे मुबारक हो

फूल खिलते रहे ज़िन्दगी की राह में
हंसी चमकती रहे आपकी निगाह में
कदम कदम पर मिले ख़ुशी की बहार आपको
देल देता है येही दुआ बार बार आपको
हैप्पी रोज डे, रोज डे मुबारक हो

दोस्ती का रिश्ता अनोखा है, ना गुलाब सा है न काँटों सा,
दोस्ती का रिश्ता तो उस डाली की तरह है जो गुलाब और कांटे,
दोनों को एक साथ जोड़े रखता हे, आखरी दम तक… Happy Rose Day..!

आपके होंठों पे सदा खिलते गुलाब रहे
खुदा ना करे आप कभी उदास रहे
हम आपके पास चाहे रहे ना रहे
आप जिन्हें चाहे वो सदा आपके पास रहे
रोज डे मुबारक हो

फूल बनकर हम महकना जानते है
मुस्कुरा के हम ग़म भूलना जानते हैं
लोग खुश होते हैं हमसे क्योंकि
बिना मिले ही हम रिश्ते निभाना जानते हैं
रोज डे की शुभकामनाएं

अगर कुछ बनना है
तो गुलाब के फूल बनो
क्योंकि ये फूल
उसके हाथ में भी खुसबू छोड़ा देता है
जो इसे मसल के फ़ेंक देता हैं।
Happy Rose Day

Monday, 5 February 2018

February 05, 2018

PAK की गोलाबारी में एक अफसर समेत 4 जवान शहीद, रात भर सीमा पार से हुई फायरिंग



Indian Army
 रविवार दोपहर राजौरी जिले के भीमबर गली सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LOC) पर पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा संघर्ष विराम के उल्लंघन में एक सेना कप्तान और तीन जवानों शहीद हो गए।
सेना के सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों ने अत्यधिक कैलिबर के अप्रत्यक्ष फायरिंग हथियारों का इस्तेमाल किया, जिसका मतलब है कि एंटी टैंक मिसाइल (Anti Tank Missile) या आर्टिलरी बंदूकें। सूत्रों ने कहा कि छोटे हथियारों के इस्तेमाल से ऐसे ज्यादा हताहत होने की संभावना नहीं होती।

25 इन्फैंट्री डिवीजन के 15 जक्कली बटालियन के शहीद अफसर और जवानों की पहचान हरियाणा के कप्तान कपिल कुंडू, जम्मू और कश्मीर के हवलदार रोशन लाल, ग्वालियर के रायफलमैन राम अवतार, और जम्मू और कश्मीर के रिफामैन शुबुम सिंह के तोर  पे हुई है।

सेना के सूत्रों के अनुसार, यह घटना लगभग प्रातः 3.30 बजे हुई। सीमा पार से गोलाबारी में भारी मोर्टार में एक जवान, लांस नाइक इकबाल अहमद और एक BSF उप-निरीक्षक भी घायल हुए।

सूत्रों ने बताया कि पुंछ जिले के शाहपुर इलाके में नियंत्रण रेखा (LOC) पर एक और सैनिक घायल हुआ है। पुंछ जिले में दो बच्चों, गुलानाज बेगम (15) और यासीर आरिफ (6) भी घायल हुए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, गोलीबारी रविवार को पुंछ जिले के शाहपुर इलाके में सुबह 11.15 बजे शुरू हुई, जो मेंढोर के बालाकोटे सेक्टर और राजौरी जिले के मनजकोट में 3.30 बजे तक फैल गई।

एक सेना के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय सेना जोरदार और कारगर ढंग से पाकिस्तान को प्रतिउत्तर दिया, "पाकिस्तानी पदों पर भारी नुकसान पहुंचा"।

प्रवक्ता ने कहा, "भारतीय सेना के सैनिकों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा, और पाकिस्तानी सेना को एक अच्छा जवाब दिया जाएगा।"

संघर्ष विराम का उल्लंघन इस साल काफी बार हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, वर्ष के शुरुआत से नियंत्रण रेखा पर 160 से अधिक बार युद्ध विराम का उल्लंघन हो चूका है।

पिछले वर्ष 2018 में LOC पर 860 युद्ध विराम का उल्लंघन हुआ था, जिसमें से केवल दिसंबर में 147 थे। 2016 में 271 युद्ध विराम का उल्लंघन हुआ था, जो 2015 में बढ़कर 387 हो गया था।

रविवार को गोलाबारी में बीएसएफ (BSF) कर्मियों ने गुरुवार रात सांबा जिले में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया था।

इस बीच, सीमावर्ती क्षेत्रों में सभी 84 स्कूल, राजौरी जिले में सुबेरबानी से मांजोकोटे तक, अगले तीन दिनों तक बंद कर दिए गए हैं। सैनिकों की मौत पर दुःख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ्ती ने अपने परिवारों के लिए अपनी संवेदना व्यक्त की है ।

लेकिन इस साल, बर्फबारी पिछले वर्षों की तुलना में बहुत ही कम है। पाकिस्तानी सेना के पदों को निशाना बनाने में भारतीय सेना भी सक्रिय रही है जो आतंकवादियों के लिए लॉन्चिंग पैड के रूप में कार्य करते हैं। इससे संघर्ष विराम के उल्लंघन की संख्या में तेज वृद्धि हुई है और दोनों पक्षों द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों की क्षमता में वृद्धि हुई है।